हिंदी फ़िल्मों और वेब-सीरीज़ में काम कैसे पाएँ
हिंदी फ़िल्म, OTT और विज्ञापन, तीनों में काम का रास्ता लगभग एक है: तैयारी, सही सामग्री, लगातार ऑडिशन और धैर्य। शॉर्टकट नहीं है।
पहले फ़ैसला: "भी" या "ही"
योगेश मिश्रा अपनी पहली कक्षा में पूछते हैं कि आप कलाकार "भी" बनना चाहते हैं या कलाकार "ही"। अभिनय एक लंबा रास्ता है। जो इसे दूसरे विकल्प की तरह लेता है, वह पहली मुश्किल पर रुक जाता है। पहले तय कीजिए कि आप कितना समय देंगे।
ट्रेनिंग जो कैमरे के लिए हो
OTT और फ़िल्मों में अभिनय बहुत सूक्ष्म होता है। ऐसी ट्रेनिंग चुनिए जिसमें Observation, भावों पर नियंत्रण, आवाज़ और कैमरे की भाषा (शॉट साइज़, आईलाइन, कंटिन्युइटी) सिखाई जाए, और जिसमें आप हर हफ़्ते ख़ुद को स्क्रीन पर देखें।
सेल्फ़-टेप: आज का पहला ऑडिशन
आज ज़्यादातर पहला ऑडिशन वीडियो पर होता है। साफ़ रोशनी, शांत पृष्ठभूमि, आँख के स्तर पर कैमरा और साफ़ आवाज़, बस इतना चाहिए। दिए गए दृश्य को समझकर दो अलग तरीक़ों से रिकॉर्ड कीजिए और सबसे अच्छा भेजिए।
शोरील और प्रोफ़ाइल
शोरील छोटा रखिए, सबसे अच्छा दृश्य सबसे पहले। प्रोफ़ाइल में ताज़ा फ़ोटो, उम्र-सीमा, लंबाई, भाषाएँ, बोलियाँ और कोई ख़ास हुनर (नृत्य, घुड़सवारी, गायन) लिखिए।
छोटे काम से शुरुआत
विज्ञापन, शॉर्ट फ़िल्में, म्यूज़िक वीडियो और वेब-सीरीज़ के छोटे रोल, ये सब अनुभव और शोरील दोनों देते हैं। लखनऊ और उत्तर प्रदेश में बहुत सी फ़िल्मों और वेब-सीरीज़ की शूटिंग होती है, इसलिए यहीं से शुरुआत संभव है।
धोखे से बचिए
रोल के बदले पैसे माँगने वाले, होटल के कमरे में ऑडिशन बुलाने वाले, या ज़बरदस्ती महँगा पोर्टफ़ोलियो बेचने वाले से दूर रहिए। असली कास्टिंग का नाम और काम खोजकर जाँचिए।
Indian Films Academy का रास्ता
हमारा 90 दिन का सिनेमैटिक एक्टिंग कोर्स इसी क्रम में चलता है: पहले महीने में कैमरे के सामने की नींव, दूसरे में गहरा अभिनय प्रशिक्षण और ऑडिशन, तीसरे में PICHCHRAPA के असली शूट और आपका शोरील। सबसे अच्छे छात्रों को इंटर्नशिप और नौकरी के अवसर भी मिलते हैं।