सिनेमैटिक एक्टिंग क्लास और कोर्स, गोमती नगर, लखनऊ
स्टेज वाला नहीं, कैमरे वाला अभिनय: जहाँ एक पलक, एक साँस और एक ठहराव भी दिखता है।
- 90 दिन
- गोमती नगर, लखनऊ
- ₹50,000
इस कोर्स में जो आमतौर पर नहीं सिखाया जाता
Self-Linking तकनीक
किरदार के भाव को अपने भीतर से जोड़ना, ताकि आँसू और हँसी ओढ़े हुए न लगें।
Don't Do, Let It Happen
भाव को "करने" के बजाय होने देना। कैमरा ज़बरदस्ती का भाव तुरंत पकड़ लेता है।
कैमरे की भाषा
क्लोज़-अप, मिड और वाइड शॉट में अभिनय का पैमाना कैसे बदलता है; आईलाइन, मार्क और कैमरा लुक।
Switch On, Switch Off
टेक के बीच पल भर में किरदार में जाना और बाहर आना।
मल्टीकैम और कंटिन्युइटी
चार-पाँच कैमरों के सामने एक साथ अभिनय, और हर टेक में वही हाव-भाव ताकि एडिटर काट सके।
डबिंग
स्क्रीन पर होंठों से मिलाकर अपनी ही आवाज़ दोबारा रिकॉर्ड करना।
If you want to become an actor, behave like an actor and feel like an actor.अगर आप एक्टर बनना चाहते हैं, तो एक्टर की तरह व्यवहार कीजिए और एक्टर की तरह महसूस कीजिए।
90 दिनों का पाठ्यक्रम
महीना 1तीनों कोर्स का साझा महीना
साझा नींव: कैमरे के सामने
हर फ़िल्म-कला अभिव्यक्ति है। अभिनेता शरीर और आवाज़ से अभिव्यक्त करता है, निर्देशक दूसरों से करवाता है, और एडिटर काट-जोड़कर दर्शक तक पहुँचाता है। इसलिए पहले महीने में तीनों कोर्स के छात्र साथ बैठकर कैमरे को अभिनेता की नज़र से समझते हैं।
- Observation, Emotion, Expression: अभिनय की तीन सीढ़ियाँ
- Yogesh CineAct के चार स्तंभ: Believing, Respect, Seriousness, Enjoying
- Observation System: Live, Imaginary, Micro, Nano और Combination Observation
- नाट्यशास्त्र, नवरस और सात्विक भाव की बुनियाद
- शरीर, साँस, आवाज़ और उच्चारण
- कैमरा लुक और कैमरे की भाषा: शॉट साइज़ के हिसाब से अभिनय
- Improvisation: बिना पटकथा के दृश्य बनाना
- मोबाइल पर शूटिंग और अपने चैनल की शुरुआत
महीना 2सिर्फ़ इस कोर्स का
अपने कोर्स में गहराई
दूसरे महीने से तीनों कोर्स अलग हो जाते हैं। हर छात्र अपने कोर्स का विस्तृत, तकनीकी प्रशिक्षण लेता है।
- Observation System
- Live, Imaginary, Micro, Nano और Combination Observation: जो देखा, उसे अपने अभिनय में बदलना।
- Emotion Chapter
- Emotional Flow Engine, Fake Emotion और Force of Emotions: भाव कहाँ से आता है, उसकी तीव्रता कैसे घटाएँ-बढ़ाएँ और एक भाव से दूसरे में कैसे जाएँ।
- Magic If और Self-Linking
- "अगर मैं इस हालत में होता तो?" और किरदार को अपने अनुभव से जोड़ना।
- Feel and React
- सामने वाले को सचमुच सुनकर प्रतिक्रिया देना; Action and Reaction और बिना पटकथा का Improvisation।
- सात्विक अभिनय
- नाट्यशास्त्र के सात्विक भाव: आँसू, कंपन, स्वर-भंग जैसे भाव जो भीतर से उठते हैं।
- आवाज़
- साँस के अभ्यास, Diction और Speech, धीमा और कोमल स्वर, माइक तकनीक और डबिंग।
- शरीर
- Action with Weight (हाथों की हरकत में वज़न), स्क्रीन के लिए नृत्य और एक्शन की बुनियाद।
- किरदार
- स्क्रिप्ट ब्रेकडाउन, Character Adaptation, खलनायक और हास्य किरदार, मशहूर फ़िल्म-दृश्यों का Monologue Recreation।
- कैमरे के सामने
- कैमरा लुक, आईलाइन, मार्क, शॉट साइज़, कंटिन्युइटी और मल्टीकैम अभिनय।
- ऑडिशन और प्रोफ़ाइल
- सेल्फ़-टेप, कास्टिंग की प्रक्रिया, पोर्टफ़ोलियो फ़ोटोशूट और शोरील।
महीना 3सिर्फ़ इस कोर्स का
असली सेट पर
तीसरा महीना कक्षा का नहीं, सेट का है। हर छात्र PICHCHRAPA की असली शूटिंग पर काम करता है और अपना पोर्टफ़ोलियो लेकर निकलता है।
- PICHCHRAPA की वेब-सीरीज़ (जैसे गैपिस्तान) और डिजिटल प्रोजेक्ट्स में कैमरे के सामने अभिनय
- असली शूट से आपका शोरील और प्रोफ़ाइल
- अपने चैनल पर किरदार-आधारित वीडियो का नियमित प्रकाशन
हर कोर्स के साथ
Special for YouTube और Instagram: अपना चैनल बनाइए
आज बहुत से कलाकार फ़िल्म का इंतज़ार नहीं करते, अपना मंच ख़ुद बनाते हैं। इसलिए तीनों कोर्स के हर छात्र को 90 दिनों के अंदर अपना चैनल शुरू करके चलाना सिखाया जाता है।
YouTube और Instagram एक्टिंग
फ़ोन के कैमरे के सामने सहज होकर बोलना और किरदार निभाना।
चैनल की पहचान
आप कौन-सा किरदार, विषय या शो लेकर आएँगे, यह तय करना।
मोबाइल पर शूट
रोशनी, आवाज़ और फ़्रेम: बिना महँगे उपकरण के साफ़ वीडियो।
पहले तीन सेकंड
Hook, टाइटल और थंबनेल: दर्शक को रोकने का हुनर।
Reels, Shorts और लंबे वीडियो
दोनों तरह के वीडियो की कहानी और एडिटिंग।
नियमितता और Analytics
प्रकाशन का कैलेंडर बनाना और आँकड़ों से सीखना।
उदाहरण: हास्य शृंखला गैपिस्तान (Gen Gap) के सभी कलाकार इसी एकेडमी में तैयार हुए हैं, और पूरी शृंखला इसी पद्धति से शूट होती है।
यह कोर्स किसके लिए है
- जो फ़िल्म, वेब-सीरीज़ या टीवी में अभिनेता बनना चाहते हैं
- जो YouTube और Instagram पर अपना किरदार और पहचान बनाना चाहते हैं
- विद्यार्थी, नौकरीपेशा, गृहिणी या सेवानिवृत्त: अभिनय की कोई उम्र नहीं होती
कोर्स के बाद आपके पास
- शोरील और पोर्टफ़ोलियो
- असली शूट का अनुभव
- ऑडिशन के लिए तैयार सेल्फ़-टेप
- आपका अपना चैनल
आगे कहाँ काम
- फ़िल्म, वेब-सीरीज़ और टीवी
- विज्ञापन और ब्रांड वीडियो
- डबिंग और वॉइस
- अपना YouTube/Instagram चैनल
कोर्स के बाद का रास्ता
90दिन
कोर्सकक्षा, लाइव शूट और आपका अपना चैनल।10चुने हुए छात्र
3 महीने की इंटर्नशिपकोर्स पूरा होने पर हर बैच के 10 चुने हुए छात्रों को PICHCHRAPA प्रोडक्शन हाउस में इंटर्नशिप, ट्रैवल अलाउंस के साथ।6महीने बाद
नौकरी के अवसरसबसे अच्छे छात्रों को हम नौकरी के अवसर भी देते हैं: अपने प्रोडक्शन हाउस PICHCHRAPA में या इंडस्ट्री में बाहर, एक्टर, डायरेक्टर या एडिटर के रूप में।
इंटर्नशिप और नौकरी के अवसर छात्र के प्रदर्शन, चयन और उस समय उपलब्ध प्रोजेक्ट्स पर निर्भर हैं। इन्हें नौकरी या कमाई की गारंटी न समझें।
जिन्होंने एकेडमी को देखा
फ़िल्म जगत के जो कलाकार और अधिकारी एकेडमी आए, उनकी पूरी बात उन्हीं की ज़ुबानी। किसी भी वीडियो पर क्लिक करें, पूरी बाइट आवाज़ के साथ चलेगी।
शुल्क और एडमिशन
- ऑनलाइन एडमिशनकोर्स चुनें, फ़ॉर्म भरें और रजिस्ट्रेशन करें, या सीधे फ़ोन करें।
- चयन ऑडिशनएकेडमी में एक छोटा ऑडिशन और बातचीत। छात्रवृत्ति इसी के आधार पर तय होती है।
- नामांकनशुल्क एक साथ या दो किस्तों में जमा करके अपनी सीट पक्की करें।
दूसरे कोर्स: फ़िल्म डायरेक्शन · फ़िल्म एडिटिंग
हर कोर्स का शुल्क
₹50,000
90 दिनों का प्रशिक्षण, लाइव प्रोजेक्ट और प्रमाणपत्र
- दो किस्तों में
- ₹27,500 + ₹27,500 (कुल ₹55,000)
- मेरिट छात्रवृत्ति
- चयन ऑडिशन के आधार पर 20% तक
- पात्रता
- 16 वर्ष से ऊपर, किसी भी पृष्ठभूमि से; कोई डिग्री आवश्यक नहीं