Indian Films Academyलखनऊ · 2019 से

फ़िल्म डायरेक्शन क्लास और कोर्स, गोमती नगर, लखनऊ

कहानी से कैमरे तक: अपनी शॉर्ट फ़िल्म, वेब-सीरीज़ या YouTube शो ख़ुद खड़ा करना सीखिए।

  • 90 दिन
  • गोमती नगर, लखनऊ
  • ₹50,000

इस कोर्स में जो आमतौर पर नहीं सिखाया जाता

  • मल्टीकैम निर्देशन

    एक दृश्य, चार-पाँच कैमरे एक साथ। गैपिस्तान इसी तरह शूट होता है।

  • बिना पटकथा का निर्देशन

    सिर्फ़ सिचुएशन देकर अभिनेताओं से Improvised दृश्य निकलवाना।

  • लेंस और भावना

    कौन-सा लेंस और कौन-सा शॉट दर्शक को क्या महसूस कराता है।

  • अभिनेता की भाषा

    Yogesh CineAct की शब्दावली में अभिनेता से बात करना, ताकि दृश्य कम टेक में बने।

  • उत्तर प्रदेश में शूटिंग

    लोकेशन, शूटिंग की अनुमति और राज्य की फ़िल्म नीति की व्यावहारिक समझ।

  • सीरीज़ और YouTube शो

    एपिसोड की बनावट, पूरे शो की योजना और टाइटल-थंबनेल की सोच।

90 दिनों का पाठ्यक्रम

  1. महीना 1तीनों कोर्स का साझा महीना

    साझा नींव: कैमरे के सामने

    हर फ़िल्म-कला अभिव्यक्ति है। अभिनेता शरीर और आवाज़ से अभिव्यक्त करता है, निर्देशक दूसरों से करवाता है, और एडिटर काट-जोड़कर दर्शक तक पहुँचाता है। इसलिए पहले महीने में तीनों कोर्स के छात्र साथ बैठकर कैमरे को अभिनेता की नज़र से समझते हैं।

    • Observation, Emotion, Expression: अभिनय की तीन सीढ़ियाँ
    • Yogesh CineAct के चार स्तंभ: Believing, Respect, Seriousness, Enjoying
    • Observation System: Live, Imaginary, Micro, Nano और Combination Observation
    • नाट्यशास्त्र, नवरस और सात्विक भाव की बुनियाद
    • शरीर, साँस, आवाज़ और उच्चारण
    • कैमरा लुक और कैमरे की भाषा: शॉट साइज़ के हिसाब से अभिनय
    • Improvisation: बिना पटकथा के दृश्य बनाना
    • मोबाइल पर शूटिंग और अपने चैनल की शुरुआत
  2. महीना 2सिर्फ़ इस कोर्स का

    अपने कोर्स में गहराई

    दूसरे महीने से तीनों कोर्स अलग हो जाते हैं। हर छात्र अपने कोर्स का विस्तृत, तकनीकी प्रशिक्षण लेता है।

    कहानी से पटकथा
    Concept, Conflict, Climax, Resolution; दृश्य-विभाजन और पटकथा का प्रारूप।
    शॉट डिवीज़न
    शॉट लिस्ट, स्टोरीबोर्ड, कवरेज, 180 डिग्री नियम, एक्सिस और आईलाइन मैच।
    कैमरा और लेंस
    शॉट साइज़, फ़ोकल लेंथ, कैमरा मूवमेंट और कंपोज़िशन।
    ब्लॉकिंग और अभिनेता
    सेट पर अभिनेताओं की चाल तय करना, रिहर्सल और Improvisation से दृश्य निकालना।
    मल्टीकैम शूटिंग
    फ़ोन और छोटे कैमरों से एक साथ कई एंगल, और एडिट के लिए ऑडियो सिंक की तैयारी।
    रोशनी और आवाज़
    थ्री-पॉइंट लाइटिंग, प्राकृतिक रोशनी, लेपल और बूम माइक, रूम टोन।
    प्रोडक्शन
    बजट, कॉल शीट, शेड्यूल, लोकेशन और शूटिंग की अनुमति।
    एडिटर के साथ
    पोस्ट-प्रोडक्शन, DI और फ़ाइनल डिलीवरी की निर्देशक वाली समझ।
  3. महीना 3सिर्फ़ इस कोर्स का

    असली सेट पर

    तीसरा महीना कक्षा का नहीं, सेट का है। हर छात्र PICHCHRAPA की असली शूटिंग पर काम करता है और अपना पोर्टफ़ोलियो लेकर निकलता है।

    • PICHCHRAPA के प्रोजेक्ट पर एक एपिसोड या शॉर्ट फ़िल्म का ख़ुद निर्देशन
    • पूरी टीम और सेट संभालने का अनुभव
    • अपने शो या चैनल की पहली कड़ियाँ प्रकाशित

हर कोर्स के साथ

Special for YouTube और Instagram: अपना चैनल बनाइए

आज बहुत से कलाकार फ़िल्म का इंतज़ार नहीं करते, अपना मंच ख़ुद बनाते हैं। इसलिए तीनों कोर्स के हर छात्र को 90 दिनों के अंदर अपना चैनल शुरू करके चलाना सिखाया जाता है।

  • YouTube और Instagram एक्टिंग

    फ़ोन के कैमरे के सामने सहज होकर बोलना और किरदार निभाना।

  • चैनल की पहचान

    आप कौन-सा किरदार, विषय या शो लेकर आएँगे, यह तय करना।

  • मोबाइल पर शूट

    रोशनी, आवाज़ और फ़्रेम: बिना महँगे उपकरण के साफ़ वीडियो।

  • पहले तीन सेकंड

    Hook, टाइटल और थंबनेल: दर्शक को रोकने का हुनर।

  • Reels, Shorts और लंबे वीडियो

    दोनों तरह के वीडियो की कहानी और एडिटिंग।

  • नियमितता और Analytics

    प्रकाशन का कैलेंडर बनाना और आँकड़ों से सीखना।

उदाहरण: हास्य शृंखला गैपिस्तान (Gen Gap) के सभी कलाकार इसी एकेडमी में तैयार हुए हैं, और पूरी शृंखला इसी पद्धति से शूट होती है।

यह कोर्स किसके लिए है

  • जो फ़िल्म या वेब-सीरीज़ का निर्देशन करना चाहते हैं
  • जो अपना YouTube शो या प्रोडक्शन शुरू करना चाहते हैं
  • जो कम बजट में बड़ा दिखने वाला काम बनाना सीखना चाहते हैं

कोर्स के बाद आपके पास

  • ख़ुद निर्देशित एपिसोड या शॉर्ट फ़िल्म
  • सेट और टीम संभालने का अनुभव
  • अपने शो की पूरी योजना
  • आपका अपना चैनल

आगे कहाँ काम

  • फ़िल्म और वेब-सीरीज़ में सहायक निर्देशक
  • म्यूज़िक वीडियो और विज्ञापन
  • YouTube शो और ब्रांड कंटेंट
  • अपना प्रोडक्शन

कोर्स के बाद का रास्ता

  1. 90दिन

    कोर्सकक्षा, लाइव शूट और आपका अपना चैनल।
  2. 10चुने हुए छात्र

    3 महीने की इंटर्नशिपकोर्स पूरा होने पर हर बैच के 10 चुने हुए छात्रों को PICHCHRAPA प्रोडक्शन हाउस में इंटर्नशिप, ट्रैवल अलाउंस के साथ।
  3. 6महीने बाद

    नौकरी के अवसरसबसे अच्छे छात्रों को हम नौकरी के अवसर भी देते हैं: अपने प्रोडक्शन हाउस PICHCHRAPA में या इंडस्ट्री में बाहर, एक्टर, डायरेक्टर या एडिटर के रूप में।

इंटर्नशिप और नौकरी के अवसर छात्र के प्रदर्शन, चयन और उस समय उपलब्ध प्रोजेक्ट्स पर निर्भर हैं। इन्हें नौकरी या कमाई की गारंटी न समझें।

जिन्होंने एकेडमी को देखा

फ़िल्म जगत के जो कलाकार और अधिकारी एकेडमी आए, उनकी पूरी बात उन्हीं की ज़ुबानी। किसी भी वीडियो पर क्लिक करें, पूरी बाइट आवाज़ के साथ चलेगी।

सभी बाइट देखें

शुल्क और एडमिशन

  1. ऑनलाइन एडमिशनकोर्स चुनें, फ़ॉर्म भरें और रजिस्ट्रेशन करें, या सीधे फ़ोन करें।
  2. चयन ऑडिशनएकेडमी में एक छोटा ऑडिशन और बातचीत। छात्रवृत्ति इसी के आधार पर तय होती है।
  3. नामांकनशुल्क एक साथ या दो किस्तों में जमा करके अपनी सीट पक्की करें।

दूसरे कोर्स: सिनेमैटिक एक्टिंग · फ़िल्म एडिटिंग

हर कोर्स का शुल्क

₹50,000

90 दिनों का प्रशिक्षण, लाइव प्रोजेक्ट और प्रमाणपत्र

दो किस्तों में
₹27,500 + ₹27,500 (कुल ₹55,000)
मेरिट छात्रवृत्ति
चयन ऑडिशन के आधार पर 20% तक
पात्रता
16 वर्ष से ऊपर, किसी भी पृष्ठभूमि से; कोई डिग्री आवश्यक नहीं
ऑनलाइन एडमिशन